लखनऊ: आसमान में उड़ रहे विमान के यात्रियों के लिए वह पल कितना डरावना रहा होगा, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है, जब अचानक विमान पर बिजली गिर गई। पटना से लखनऊ आ रही इंडिगो की फ्लाइट बुधवार को उड़ान के दौरान बिजली की चपेट में आ गई। बिजली गिरने के बाद विमान के अगले हिस्से यानी नोज को काफी नुकसान पहुंचा। विमान में उस समय 104 यात्री और 6 क्रू सदस्य मौजूद थे।
सबसे राहत वाली बात यह रही कि इस खतरनाक स्थिति के बावजूद विमान में सवार सभी लोग सुरक्षित रहे। विमान ने लखनऊ में सुरक्षित लैंडिंग की। घटना के बाद विमान की तकनीकी जांच की गई और विमान को आगे की उड़ान के लिए रोक दिया गया।
हवा में अचानक हुआ जोरदार झटका
जानकारी के मुताबिक, विमान पटना से लखनऊ के लिए उड़ान भर चुका था। इसी दौरान मौसम खराब होने के बीच विमान बिजली की चपेट में आ गया। बिजली गिरने से विमान के सामने वाले हिस्से को नुकसान पहुंचा।
विमान के नोज का हिस्सा किसी भी एयरक्राफ्ट के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसके भीतर कई संवेदनशील उपकरण और सिस्टम होते हैं। ऐसे में हवा में ही विमान के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचने की खबर ने घटना की गंभीरता बढ़ा दी।
हालांकि, पायलट और क्रू ने स्थिति को संभाला और विमान को सुरक्षित तरीके से लखनऊ पहुंचाया।
104 यात्रियों की अटकी सांसें
विमान में कुल 104 यात्री और छह क्रू सदस्य सवार थे। बिजली गिरने जैसी अचानक घटना के दौरान यात्रियों के बीच घबराहट होना स्वाभाविक था। आसमान में उड़ते विमान पर बिजली गिरने की घटना बेहद डरावनी दिखाई दे सकती है।
लेकिन विमान के पायलट और क्रू ने स्थिति को नियंत्रित रखा। किसी यात्री के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है।
सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। एयरपोर्ट पर विमान को जांच के लिए रखा गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बिजली गिरने से विमान के किस हिस्से और कितने सिस्टम पर असर पड़ा है।
विमान के अगले हिस्से को हुआ नुकसान
रिपोर्टों के मुताबिक, बिजली गिरने से विमान के नोज यानी सामने के हिस्से को नुकसान पहुंचा। सामने से देखने पर विमान के इस हिस्से में क्षति स्पष्ट नजर आने की बात सामने आई है।
हालांकि, विमान के अंदर मौजूद यात्रियों को किसी बड़े खतरे का सामना नहीं करना पड़ा। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद तकनीकी टीम ने इसकी जांच शुरू की।
यह जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बिजली गिरने के बाद विमान के बाहरी हिस्से के अलावा इलेक्ट्रॉनिक और नेविगेशन सिस्टम की स्थिति को भी परखा जाता है।

क्या बिजली गिरने से विमान क्रैश हो सकता है?
विमान पर बिजली गिरना सुनने में जितना खतरनाक लगता है, हर स्थिति में उसका परिणाम विमान दुर्घटना के रूप में नहीं होता। आधुनिक यात्री विमानों को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वे बिजली गिरने जैसी स्थितियों का सामना कर सकें।
आमतौर पर बिजली विमान के बाहरी हिस्से से प्रवेश करके दूसरे हिस्से से बाहर निकल सकती है। लेकिन बिजली गिरने के बाद विमान की विस्तृत तकनीकी जांच बेहद जरूरी होती है, ताकि किसी छिपे हुए नुकसान की संभावना को भी दूर किया जा सके।
यही वजह है कि ऐसी घटना के बाद विमान को तुरंत दोबारा उड़ाने के बजाय विशेषज्ञों की टीम इसकी जांच करती है।
खराब मौसम बना चुनौती
बुधवार को उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। बारिश, बादल और आकाशीय बिजली के बीच विमान संचालन भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
पायलट उड़ान के दौरान लगातार मौसम और एयर ट्रैफिक की स्थिति पर नजर रखते हैं। जरूरत पड़ने पर विमान का रास्ता बदला जा सकता है या लैंडिंग के लिए दूसरे एयरपोर्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस मामले में भी सबसे अहम बात यह रही कि घटना के बावजूद विमान सुरक्षित तरीके से लखनऊ पहुंच गया।
यात्रियों के लिए बड़ी राहत
लखनऊ एयरपोर्ट पर विमान के पहुंचने के बाद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। किसी बड़े हादसे या जनहानि की खबर नहीं है।
विमान की तकनीकी स्थिति की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उसे दोबारा सेवा में कब शामिल किया जाएगा। विमान के अगले हिस्से को हुए नुकसान की मरम्मत और अन्य सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही आगे की उड़ान का फैसला लिया जाएगा।
बाल-बाल टला बड़ा हादसा
आसमान में बिजली गिरने की घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि विमान यात्रा के दौरान मौसम कितनी बड़ी चुनौती बन सकता है। हालांकि, आधुनिक विमानन तकनीक, पायलटों की ट्रेनिंग और सुरक्षा प्रक्रियाओं की वजह से इस घटना में बड़ा हादसा टल गया।
104 यात्रियों और छह क्रू सदस्यों के लिए यह सफर निश्चित रूप से यादगार और डरावना रहा होगा। विमान पर बिजली गिरी, अगले हिस्से को नुकसान पहुंचा, लेकिन अंत में सभी लोग सुरक्षित जमीन पर पहुंच गए।
निष्कर्ष:
पटना से लखनऊ आ रही इंडिगो की फ्लाइट बुधवार को उड़ान के दौरान बिजली की चपेट में आ गई। इससे विमान के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचा, लेकिन विमान में मौजूद 104 यात्री और छह क्रू सदस्य सुरक्षित रहे। लखनऊ में विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद तकनीकी टीम ने जांच शुरू की। फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि इतनी गंभीर दिखने वाली घटना के बावजूद किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

