उत्तर प्रदेश: की राजधानी लखनऊ सोमवार को एक भीषण हादसे से दहल उठी। नगराम थाना क्षेत्र में स्थित एक लाइसेंसधारी पटाखा फैक्ट्री में अचानक हुए जोरदार विस्फोट ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। धमाका इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज लगभग दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और फैक्ट्री संचालित मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया।
हादसे में 22 वर्षीय मारिया की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि मोहित नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ, पुलिस और बम निरोधक दस्ते की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत-बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।
पूरी तरह ढह गया मकान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब 11:30 बजे अचानक तेज धमाका हुआ। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि फैक्ट्री का पूरा ढांचा भरभराकर गिर गया। चारों ओर ईंट-पत्थर और पटाखों के अवशेष बिखर गए। आसपास के ग्रामीण आवाज सुनकर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह हादसा शाम के समय हुआ होता, जब लोगों की आवाजाही अधिक रहती है, तो जान-माल का नुकसान कहीं ज्यादा हो सकता था।
लाइसेंसधारी फैक्ट्री में हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक यह फैक्ट्री ग्राम देवती निवासी मोहम्मद शफीक की थी, जिसके पास पटाखा निर्माण का वैध लाइसेंस था। फैक्ट्री गांव से बाहर स्थित होने के कारण बड़ा जनहानि वाला हादसा टल गया।
घटना के समय फैक्ट्री में मौजूद मारिया गंभीर रूप से झुलस गई थी। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। बताया जा रहा है कि मारिया फैक्ट्री मालिक की भांजी थी।
वहीं घायल मोहित गांव का निवासी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह अपने जानवर चरा रहा था और पानी पीने के लिए फैक्ट्री के पास आया था, तभी धमाका हो गया।
दमकल विभाग ने संभाला मोर्चा
गोसाईगंज फायर स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार सुबह 11:18 बजे घटना की सूचना प्राप्त हुई। एक मिनट के भीतर दमकल टीम रवाना कर दी गई। आग की गंभीरता को देखते हुए पीजीआई और हजरतगंज फायर स्टेशन से अतिरिक्त फायर टेंडर और मल्टी डिजास्टर रिस्पांस व्हीकल भेजी गई।
फायर कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। एहतियात के तौर पर पांच से अधिक एंबुलेंस भी मौके पर तैनात की गईं।

बम निरोधक दस्ता कर रहा जांच
विस्फोट के बाद बम निरोधक दस्ता (BDDS) भी घटनास्थल पर पहुंचा। विशेषज्ञ टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धमाका किस कारण से हुआ। जांच में फैक्ट्री के लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण से जुड़े पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि मलबे को हटाने के लिए जेसीबी मशीनों की मदद ली जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं कोई अन्य व्यक्ति मलबे में दबा तो नहीं है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
मोहनलालगंज के कार्यवाहक एसडीएम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया है और लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की सलाह दी है।
इस हादसे ने एक बार फिर पटाखा निर्माण इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे उद्योगों में सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
निष्कर्ष
लखनऊ के नगराम क्षेत्र में हुआ यह पटाखा फैक्ट्री विस्फोट सुरक्षा व्यवस्थाओं की गंभीर जांच की मांग करता है। एक युवती की मौत और एक युवक के गंभीर रूप से घायल होने की यह घटना प्रशासन के लिए भी चेतावनी है कि विस्फोटक सामग्री से जुड़े प्रतिष्ठानों की नियमित निगरानी और सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित किए जाएं।

