PM मोदी ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पेश्कियान को दी बधाई, भारत-आर्मेनिया संबंधों को लेकर दिया बड़ा संदेश
नई दिल्ली। आर्मेनिया के संसदीय चुनावों में प्रधानमंत्री निकोल पेश्कियान की पार्टी ‘सिविल कॉन्ट्रैक्ट पार्टी (CPP)’ की शानदार जीत के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस जीत को आर्मेनिया की जनता के विश्वास और मजबूत नेतृत्व की जीत बताया।
पीएम मोदी का यह संदेश केवल एक औपचारिक बधाई नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारत और आर्मेनिया के बीच लगातार मजबूत होते रणनीतिक और रक्षा संबंधों के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, तकनीक और कूटनीतिक सहयोग तेजी से बढ़ा है।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि संसदीय चुनावों में सिविल कॉन्ट्रैक्ट पार्टी को मिला नया जनादेश आर्मेनिया की जनता के निकोल पेश्कियान के नेतृत्व और दृष्टिकोण पर अटूट विश्वास का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि वह भविष्य में भी पेश्कियान के साथ मिलकर भारत और आर्मेनिया की ऐतिहासिक मित्रता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए उत्सुक हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत देता है।
भारत और आर्मेनिया के संबंध क्यों हैं खास?
भारत और आर्मेनिया के रिश्ते सदियों पुराने माने जाते हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच सहयोग में अभूतपूर्व तेजी देखने को मिली है।
रक्षा सहयोग, तकनीकी विकास, व्यापारिक साझेदारी और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में दोनों देश लगातार एक-दूसरे के करीब आए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण काकेशस क्षेत्र में आर्मेनिया भारत का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बनकर उभरा है।

भारतीय हथियारों का सबसे बड़ा खरीदार बना आर्मेनिया
हाल के वर्षों में आर्मेनिया भारत के रक्षा उपकरणों का सबसे बड़ा विदेशी खरीदार बन गया है। दोनों देशों के बीच लगभग 2 अरब डॉलर (करीब 16 हजार करोड़ रुपये) से अधिक के रक्षा समझौते हो चुके हैं।
आर्मेनिया ने अपनी सैन्य क्षमता को मजबूत करने के लिए भारत से कई आधुनिक हथियार और रक्षा प्रणालियां खरीदी हैं।
इनमें शामिल हैं:
- आकाश एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम
- पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर
- 155 एमएम ATAGS तोपें
- स्वाति वेपन लोकेटिंग रडार
- एंटी-टैंक मिसाइलें
- ड्रोन रोधी रक्षा प्रणाली
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय रक्षा उत्पादों की विश्वसनीयता, कम लागत और आधुनिक तकनीक ने आर्मेनिया को भारत का प्रमुख रक्षा साझेदार बनने के लिए प्रेरित किया है।
चुनावी जीत के बाद क्या बदल सकता है?
निकोल पेश्कियान की पार्टी को मिला नया जनादेश उनके नेतृत्व को और मजबूत करेगा। माना जा रहा है कि आने वाले समय में भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा सहयोग और तेज हो सकता है।
इसके अलावा दोनों देश व्यापार, सूचना प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में भी नई साझेदारियों पर काम कर सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए भारत और आर्मेनिया का सहयोग दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
क्षेत्रीय स्थिरता में भी निभा सकते हैं बड़ी भूमिका
भारत और आर्मेनिया दोनों ही क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और आर्थिक विकास के पक्षधर रहे हैं। ऐसे में निकोल पेश्कियान की जीत के बाद दोनों देशों के बीच सहयोग और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।
पीएम मोदी का बधाई संदेश भी इसी दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती दे सकता है।
निष्कर्ष:
आर्मेनिया के संसदीय चुनाव में निकोल पेश्कियान की पार्टी की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बधाई संदेश केवल एक औपचारिक शुभकामना नहीं, बल्कि भारत-आर्मेनिया के मजबूत होते रणनीतिक संबंधों का संकेत भी है। रक्षा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग और ऐतिहासिक मित्रता के आधार पर दोनों देशों के रिश्ते आने वाले समय में और मजबूत होने की उम्मीद है।

