पुंछ। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के बुफलियाज बाजार में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक एक भीषण आग ने बाजार के एक हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आठ दुकानों को पूरी तरह अपनी गिरफ्त में ले लिया। कुछ ही घंटों में वर्षों की मेहनत और कारोबार जलकर राख में तब्दील हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि दुकानदारों को अपना सामान बचाने तक का मौका नहीं मिला। बाजार में मौजूद लोगों ने आग की लपटें उठती देख तुरंत प्रशासन और दमकल विभाग को सूचना दी। आग लगने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले एक दुकान में लगी और बाद में आसपास की दुकानों तक फैल गई। लकड़ी और अन्य ज्वलनशील सामान होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। देखते ही देखते पूरा बाजार धुएं और आग की लपटों से घिर गया।
इस बीच भारतीय सेना की रोमियो फोर्स ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही सेना के जवान मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए आग बुझाने के प्रयासों में जुट गए।
सेना ने अपने पानी के टैंकरों को घटनास्थल पर तैनात किया और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। जवानों ने कई घंटों तक लगातार मेहनत की, जिसके बाद आग को आसपास के क्षेत्रों में फैलने से रोका जा सका।

स्थानीय निवासियों ने सेना की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय रहते जवान मौके पर नहीं पहुंचते तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था। कई दुकानदारों का कहना है कि उनकी पूरी आजीविका इन दुकानों पर निर्भर थी और आग ने उनकी वर्षों की कमाई को कुछ ही मिनटों में खत्म कर दिया।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी व्यक्ति के घायल होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। सभी लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए थे। लेकिन आर्थिक नुकसान काफी बड़ा माना जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी के कारण आग लग सकती है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित दुकानदारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। नुकसान का आकलन करने के लिए एक विशेष टीम भी गठित की गई है जो प्रभावित दुकानों और व्यापारियों की रिपोर्ट तैयार करेगी।
भारतीय सेना ने इस घटना के बाद एक बयान जारी करते हुए कहा कि सेना केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की सुरक्षा और सहायता के लिए भी हमेशा तत्पर रहती है। सेना ने कहा कि हर जीवन और हर आजीविका हमारे लिए महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता है। दुकानों में अग्निशमन यंत्र, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था और आपातकालीन निकास जैसी सुविधाओं को अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और प्रभावित परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा कर दिया है।
निष्कर्ष:
पुंछ के बुफलियाज बाजार में लगी भीषण आग ने आठ दुकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया। हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। राहत की बात यह रही कि भारतीय सेना और स्थानीय लोगों की त्वरित कार्रवाई से आग को और फैलने से रोक लिया गया। यह घटना बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता की ओर एक बार फिर संकेत करती है।

