देश: के कई राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के बीच सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। असम, केरल और पुदुचेरी में एक चरण में मतदान से ठीक पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। वहीं पश्चिम बंगाल में चुनावी घमासान चरम पर पहुंच गया है।
इसी बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के प्रवक्ता जय प्रकाश मजूमदार ने कहा कि आयोग “पिछले दरवाजे से” राज्य के प्रशासन और पुलिस पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार के इशारे पर चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में टीएमसी को निशाना बना रहा है और कानून-व्यवस्था की गलत तस्वीर पेश की जा रही है।
मजूमदार ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पूरे राज्य में पार्टी का चेहरा हैं और जनता उनके नाम पर ही वोट देगी। उन्होंने भवानीपुर सीट को लेकर दावा किया कि वहां ममता बनर्जी की जीत तय है और वे रिकॉर्ड मतों से विजय हासिल करेंगी।
दूसरी ओर चुनाव आयोग ने भी स्पष्ट कर दिया है कि इस बार चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और हिंसा-मुक्त होंगे। आयोग ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि किसी भी तरह की धमकी, प्रलोभन या बूथ कैप्चरिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग के इस रुख को सख्त प्रशासनिक नियंत्रण के रूप में देखा जा रहा है।
इसी बीच ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से नामांकन दाखिल करते हुए बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राज्य में सरकार बनाएगी और वे हर क्षेत्र के विकास के लिए काम करेंगी। उन्होंने सभी समुदायों को संबोधित करते हुए एकजुटता का संदेश भी दिया।

वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी चुनावी मोर्चा तेज कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस और टीएमसी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य को घुसपैठियों का गढ़ नहीं बनने दिया जाएगा और भाजपा सत्ता में आने पर सख्त कदम उठाएगी।
अमित शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का जिक्र करते हुए कहा कि यह कानून सताए हुए लोगों को नागरिकता देने के लिए है, लेकिन विपक्ष इसका विरोध कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा किसी भी हालत में अवैध घुसपैठ को बर्दाश्त नहीं करेगी।
इसी दौरान विजय ने तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में रोड शो कर अपनी ताकत दिखाई। दक्षिण भारत में भी चुनावी हलचल तेज हो गई है और विभिन्न दल जनता को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं।
पुदुचेरी में चुनाव आयोग ने मतदाता जागरूकता अभियान चलाया है। लोगों को मतदान प्रक्रिया और EVM के इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी जा रही है, ताकि अधिक से अधिक मतदान सुनिश्चित किया जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार के चुनाव में स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय मुद्दे भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। एक तरफ जहां टीएमसी राज्य की पहचान और नेतृत्व को मुद्दा बना रही है, वहीं बीजेपी राष्ट्रीय सुरक्षा और घुसपैठ जैसे मुद्दों को प्रमुखता दे रही है।
कुल मिलाकर, विधानसभा चुनाव 2026 का यह चरण कई मायनों में महत्वपूर्ण है। विभिन्न राज्यों में अलग-अलग रणनीतियों और गठबंधनों के साथ दल चुनावी मैदान में उतरे हैं, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।
निष्कर्ष:
विधानसभा चुनाव 2026 में सियासी जंग अब अपने चरम पर पहुंच गई है। TMC और चुनाव आयोग के बीच टकराव, बीजेपी के तीखे हमले और अलग-अलग राज्यों में बदलते समीकरण इस चुनाव को बेहद रोमांचक बना रहे हैं। आने वाले नतीजे तय करेंगे कि जनता किसे अपना विश्वास देती है।


