नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा में हैं। टीम इंडिया की अगली अंतरराष्ट्रीय सीरीज से पहले वैभव घरेलू क्रिकेट में अपना दम दिखाते नजर आएंगे। उन्हें दलीप ट्रॉफी 2026-27 के लिए ईस्ट जोन की टीम में शामिल किया गया है। इतना ही नहीं, युवा बल्लेबाज को टीम का उपकप्तान भी बनाया गया है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने 2026-27 घरेलू सत्र का कार्यक्रम जारी किया है। दलीप ट्रॉफी इस घरेलू सीजन की शुरुआत करेगी। टूर्नामेंट 23 अगस्त से 10 सितंबर 2026 तक खेला जाएगा।
वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी खास नजर
कम उम्र में अपने प्रदर्शन से पहचान बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी के लिए दलीप ट्रॉफी एक महत्वपूर्ण परीक्षा होगी। यह टूर्नामेंट रेड-बॉल क्रिकेट में उनकी क्षमता को परखने का मौका देगा।
वैभव को ईस्ट जोन की टीम में जगह मिली है और वह उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। टीम की कप्तानी ईशान किशन के हाथों में होगी।
दलीप ट्रॉफी में वैभव के प्रदर्शन पर इसलिए भी नजर रहेगी क्योंकि घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने का मौका मिलता है।
23 अगस्त से शुरू होगा टूर्नामेंट
BCCI के आधिकारिक घरेलू कैलेंडर के मुताबिक दलीप ट्रॉफी का 2026-27 संस्करण 23 अगस्त से शुरू होगा और इसका समापन 10 सितंबर को होगा।
छह जोन—नॉर्थ, साउथ, ईस्ट, वेस्ट, सेंट्रल और नॉर्थ ईस्ट—टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे हैं। दलीप ट्रॉफी को भारतीय घरेलू क्रिकेट के प्रमुख प्रथम श्रेणी टूर्नामेंटों में गिना जाता है।
दलीप ट्रॉफी का पूरा कार्यक्रम
23 से 26 अगस्त:
- ईस्ट जोन बनाम नॉर्थ ईस्ट जोन — क्वार्टर फाइनल
- नॉर्थ जोन बनाम वेस्ट जोन — क्वार्टर फाइनल
दोनों मुकाबले बेंगलुरु के BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेले जाएंगे।

इसके बाद 30 अगस्त से 2 सितंबर के बीच सेमीफाइनल मुकाबले होंगे। एक सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन का सामना पहले क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में साउथ जोन दूसरे क्वार्टर फाइनल के विजेता से भिड़ेगा।
फाइनल मुकाबला 6 से 10 सितंबर तक खेला जाएगा। BCCI ने फाइनल का स्थान बेंगलुरु से बदलकर चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, यह बदलाव दर्शकों को स्टेडियम में मैच देखने का अवसर देने के लिए किया गया है।
वैभव के लिए रेड-बॉल क्रिकेट की बड़ी परीक्षा
वैभव सूर्यवंशी को आम तौर पर उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। लेकिन प्रथम श्रेणी क्रिकेट का प्रारूप टी20 से काफी अलग होता है। यहां बल्लेबाज की तकनीक, धैर्य और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने की क्षमता की परीक्षा होती है।
इसी वजह से दलीप ट्रॉफी वैभव के लिए सिर्फ एक घरेलू टूर्नामेंट नहीं, बल्कि लंबे प्रारूप में अपनी क्षमता दिखाने का बड़ा अवसर भी होगी।
वह ईस्ट जोन के लिए खेलते हुए अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करेंगे। ऐसे माहौल में उनके पास अपने खेल को और बेहतर करने का मौका होगा।
टीम इंडिया की नजर भी प्रदर्शन पर होगी
भारतीय क्रिकेट में घरेलू प्रदर्शन को राष्ट्रीय चयन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। वैभव के लिए दलीप ट्रॉफी में लगातार अच्छा प्रदर्शन उनके भविष्य की संभावनाओं को और मजबूत कर सकता है।
BCCI के अनुसार 2026-27 घरेलू सत्र की शुरुआत दलीप ट्रॉफी से होगी, जबकि रणजी ट्रॉफी का पहला चरण 11 अक्टूबर से शुरू होगा।
ऐसे में वैभव के लिए यह टूर्नामेंट अपने खेल को अगले स्तर पर ले जाने का महत्वपूर्ण अवसर है।
फाइनल में बदला गया मैदान
दलीप ट्रॉफी के इस संस्करण में फाइनल के आयोजन स्थल में भी बदलाव हुआ है। पहले फाइनल बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में होना था, लेकिन अब इसे चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।
BCCI सचिव देवजीत सैकिया के अनुसार, यह फैसला ज्यादा दर्शकों को मुकाबला देखने का अवसर देने के उद्देश्य से किया गया है।
अब सबकी नजर 23 अगस्त पर होगी, जब दलीप ट्रॉफी का आगाज होगा और वैभव सूर्यवंशी भी रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी नई चुनौती की शुरुआत करेंगे।
निष्कर्ष:
वैभव सूर्यवंशी के लिए दलीप ट्रॉफी 2026-27 एक अहम मौका है। ईस्ट जोन के उपकप्तान के तौर पर वह न सिर्फ बल्लेबाजी में योगदान देना चाहेंगे, बल्कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपनी क्षमता भी साबित करना चाहेंगे। 23 अगस्त से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन पर भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की खास नजर रहेगी।

