उत्तर प्रदेश: के आगरा जिले से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। शमशाबाद थाना क्षेत्र के कुटकपुर गांव में शनिवार रात एक दंपति रोज की तरह अपने कमरे में कूलर चलाकर सोए थे। किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी रात साबित होगी।
रविवार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का दृश्य देखकर हर किसी की रूह कांप उठी। पति और पत्नी दोनों बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़े थे। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
कूलर बना मौत की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कमरे में चल रहे कूलर में अचानक विद्युत करंट उतर आया था। बताया जा रहा है कि कूलर का बिजली का तार पास रखी लोहे की संदूक से संपर्क में आ गया, जिससे पूरे कमरे में करंट फैल गया।
रात के समय पति-पत्नी उसी कमरे में सो रहे थे। आशंका है कि किसी समय दोनों करंट की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना इतनी शांत तरीके से हुई कि घर के अन्य लोगों को रात में इसकी भनक तक नहीं लगी।
सुबह नहीं खुला दरवाजा तो बढ़ी चिंता
रविवार सुबह काफी देर तक जब जगदीश कुमार अपने कमरे से बाहर नहीं निकले, तो परिवार के लोगों ने आवाज लगाई। कोई जवाब नहीं मिलने पर चिंता बढ़ गई।
काफी प्रयास के बाद जब दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों ने उसे तोड़ दिया। अंदर पति-पत्नी को बिस्तर पर बेसुध पड़ा देखकर घर में चीख-पुकार मच गई। पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए।
दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

चार मासूम बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया
इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतक दंपति अपने पीछे चार छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं।
परिवार में—
- 13 वर्षीय मोना
- 10 वर्षीय सोना
- 9 वर्षीय सूर्य
- 7 वर्षीय हेमंत
शामिल हैं।
एक ही रात में इन चारों बच्चों ने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया। घटना के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल परिजनों ने उन्हें उनके ननिहाल भेज दिया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है।
परचून की दुकान और खेती से चलता था परिवार
मृतक जगदीश कुमार (40) गांव में परचून की दुकान चलाते थे। इसके साथ ही खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे।
बताया गया कि वह रोजाना रात करीब 11 बजे दुकान बंद करके घर लौटते थे। शनिवार रात भी वह सामान्य दिन की तरह घर आए और भोजन करने के बाद पत्नी शशि (35) के साथ कमरे में सोने चले गए।
लेकिन कुछ ही घंटों बाद बिजली के करंट ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।
गांव में पसरा मातम
घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। रिश्तेदार और आसपास के लोग मृतक के घर पहुंचने लगे।
शशि के मायके पक्ष के लोग भी सूचना मिलते ही गांव पहुंचे। घर में हर तरफ चीख-पुकार और मातम का माहौल था। ग्रामीणों का कहना है कि जगदीश बेहद मेहनती और मिलनसार व्यक्ति थे। किसी ने नहीं सोचा था कि इतनी छोटी सी तकनीकी लापरवाही इतनी बड़ी त्रासदी बन जाएगी।
पुलिस जांच में जुटी
सूचना मिलने पर शमशाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना प्रभारी सुरेंद्र राव ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला बिजली के करंट से मौत का प्रतीत होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कूलर में करंट आने की वास्तविक वजह क्या थी और कहीं बिजली उपकरण में कोई तकनीकी खराबी तो नहीं थी।
बिजली उपकरणों के उपयोग में बरतें सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात और उमस के मौसम में बिजली के उपकरणों का उपयोग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
- पुराने या कटे हुए तारों का इस्तेमाल न करें।
- अर्थिंग की नियमित जांच कराएं।
- खराब कूलर या पंखे का उपयोग न करें।
- बिजली उपकरणों को लोहे की वस्तुओं से सटाकर न रखें।
- संदिग्ध स्थिति में तुरंत बिजली आपूर्ति बंद करें।
छोटी-सी लापरवाही कभी-कभी पूरे परिवार के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
निष्कर्ष
आगरा के कुटकपुर गांव की यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि बिजली सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी भी है। एक मामूली तकनीकी खराबी ने एक ही रात में पति-पत्नी की जान ले ली और चार मासूम बच्चों को अनाथ बना दिया। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, जबकि गांव में मातम का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली उपकरणों की नियमित जांच और सावधानी ऐसी घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है।

